Roots (जड़)

सोच ही जड़ है अगर तो नयी सोच की भूक जगानी होगी। सोच बदलोगे, तो हम अछे पूर्वज कहलाएँगे।फिर भी सिर्फ़ कहना “Remember your roots”;क्यूँकि समय के साथ नयी जड़ो की ज़रूरत होगी,नयी सोच की ज़रूरत होगी। हम नहीं रहेंगे पर, कुछअच्छा छोड़ जाएँगे।  पेड़ों को काट दे, कचड़ो को जलाकनदियों में बहा दे;धुँआ की जैसे आदत ही हो गयी है,और जानवरों को खाना हमें सही लगे।क्या यही हम कर के जाएँगे?क्या इन जड़ो के साथ जी पाएँगे आने वाली फ़सल, और नई डालियाँ?कौन देख पाएगा लटकते आम,और हथेली पे महसूस बारिश के बूंद?क्या सोच…

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