सोच ही जड़ है अगर 
तो नयी सोच की भूक जगानी होगी।
सोच बदलोगे, 
तो हम अछे पूर्वज कहलाएँगे।
फिर भी सिर्फ़ कहना 
“Remember your roots”;
क्यूँकि समय के साथ 
नयी जड़ो की ज़रूरत होगी,
नयी सोच की ज़रूरत होगी। 
हम नहीं रहेंगे पर, कुछ
अच्छा छोड़ जाएँगे। 

पेड़ों को काट दे,
कचड़ो को जलाक
नदियों में बहा दे;
धुँआ की जैसे आदत ही हो गयी है,
और जानवरों को खाना हमें सही लगे।
क्या यही हम कर के जाएँगे?
क्या इन जड़ो के साथ जी पाएँगे
आने वाली फ़सल, और नई डालियाँ?
कौन देख पाएगा लटकते आम,
और हथेली पे महसूस बारिश के बूंद?
क्या सोच होगी जब वो अपने
उजड़े जड़ो को देखेंगे?
कच्चे बुनियादों पे खड़े,
क्या ख़ुश हो पाएँगे वो?

ऐसे जड़ हो कि कोई आँधी ना हिला सके।
जीना ही एक संघर्ष ना बन जाए;
हर सवाल का जवाब मिल जाए।
हमें याद करे तो 
गर्व से हमारी मिसालें दे।
नाकि रूखे पेड़ की तरह 
जो पानी की खोज में,
शरम से झुकी हो उनकी डाल; 
धड़ से धरतीं को न्योछावर।
हमारे भूल से उनका 
मानो की जीना ही बेकार।

जड़ो की क़ीमत अभी समझो,
क्यूँकि बीज भी पहले जड़ ही देता है।
हमने सब कुछ ले लिया
जो ये ज़मीन दे सकती है;
अब तुम्हारी बारी है।
मुझे लग रहा है क्यूँ ,
‘तुमसे ना हो पाएगा’?
वो उजड़ जाएँगे 
अगर तुमने अभी आँखे नहीं खोली।
अगर तुमने सोच नहीं बदला।

उठो अब, कुछ करके जाना है।
तुम्हें मैं एक सोच दे रही हूँ,
उसे आगे बड़ाना है।
इस भूमि कि हर एक कण को 
आदर से लेना है;
इतना ही जितना काम आना है।
जो कुछ बचेगा वो 
भविष्य को पाना है।
हमारी सोच पे आगे की 
दुनिया अपनी जीवन अंकुरित करेगी।
तो क्या हम सोच बदलेंगे?
क्या हम सही बुनियाद डालेंगे?
या फिर, हम उनकी नाश का जड़ बन जाएँगे?
ये तुम्हें अभी बताना है।

By Sneha Bhuwalka

Please see: For the Spoken word see the Instagram Profile- @mycoffeeweather Which was performed for the Kommune story slam on May 5th 2019.

Posted by:Mycoffeeweather

Inspired by Nature; A Learner; Bird watcher; Philosophy and Authenticity; Fitness enthusiast; Passionate cook; Vegan; Hindustani Classical Vocalist; TED Watcher; Financial Manager and Auditing in Family business; Movie buff; Slow reader; Talkative soul; Free-spirit! Sharing a few thoughts as I go about my everyday ordeal, Hope its informative and the readers can relate to it and may it be insightful. Please share your thoughts in the comments or email me- snehabhuwalka@yahoo.com. Would love the feedback!

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